वॉइस ओवर वाले जोशी जी, वाह क्या बात है

(अमित शर्मा जर्नलिस्ट के फेसबुक पेज से साभार)
तस्वीर में नजर आ रहे ये शख्स विनोद जोशी हैं. थिएटर वाले. श्री गंगानगर के रहने वाले हैं. तकरीबन दस साल पहले इनसे मुलाकात हुई थी. आवाज शानदार लगी थी इनकी. वॉइस ओवर के लिए एकदम मुफीद. कई जगह इनके वॉइस ओवर हुए भी उस समय तो तथाकथित मीनमेख निकले.. पिछले एक दशक में विनोद ने जबरदस्त मेहनत की. थिएटर के साथ साथ वॉइस का एक अलग मैदान अपने लिए तैयार किया. आज आलम ये है कि व्हाटसअप पर दर्जनों वीडियो ऐसे फॉर्वर्ड होकर मुझतक पहुंचे हैं जिनमें विनोद की आवाज है. कई बार साथ बैठे व्यक्ति को यूट्यूब पर दुनिया की रोचक जानकारियां सुनते देखा और आवाज पर गौर किया तो वो विनोद की ही निकली. जयपुर में लेट नाइट टैक्सी में एफएम सुनते टैक्सी ड्राइवर को आरजे की चुहलबाजी पर ठहाका लगाते सुना, वो भी विनोद की ही आवाज थी.
गुड विनोद.. कीप इट अप. समुंदर की बजाय अपना दरिया, अपना पोखर बनाना ज्यादा बेहतर होता है. सफर यहीं खत्म नहीं हुआ है. अपने जैसे 10 को काम सिखाओ.. 100 को रोजगार दो.. तो मज़ा आए.
सुखद भविष्य की शुभकामनाएं
उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः ।
न हि सुप्तस्य सिंहस्य प्रविशन्ति मुखे मृगाः ॥


Posted

in

by

Tags:

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *